मेवलिनॉन्ग गाँव — जहाँ प्रकृति, स्वच्छता और खासी संस्कृति साथ-साथ साँस लेती है
मेघालय की हरी-भरी पहाड़ियों में कई ऐसे स्थान छिपे हैं, जहाँ प्रकृति केवल दिखाई नहीं देती, बल्कि महसूस होती है। बादलों से घिरी पहाड़ियाँ, घने जंगल, छोटी-छोटी धाराएँ, झरने, बाँस से बने रास्ते और हरियाली से घिरे घर—इन सबके बीच बसा मेवलिनॉन्ग (Mawlynnong) गाँव ऐसा ही एक अद्भुत स्थान है।
पूर्वी खासी पहाड़ियों में स्थित यह छोटा-सा गाँव अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ स्वच्छता, सामुदायिक अनुशासन और प्रकृति के प्रति सम्मान के लिए प्रसिद्ध है। इसे अक्सर “God’s Own Garden” यानी “ईश्वर का अपना बगीचा” कहा जाता है। मेघालय पर्यटन भी इसे एशिया के सबसे स्वच्छ गाँवों में प्रसिद्ध स्थान के रूप में प्रस्तुत करता है।
मेवलिनॉन्ग की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ स्वच्छता केवल पर्यटकों को दिखाने के लिए की जाने वाली व्यवस्था नहीं है। गाँव के जीवन में स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी लंबे समय से सामुदायिक संस्कृति का हिस्सा रही है। यही कारण है कि यह गाँव केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि सामुदायिक भागीदारी और प्रकृति के साथ संतुलित जीवन का उदाहरण बन गया है।
मेवलिनॉन्ग कहाँ स्थित है?
मेवलिनॉन्ग भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य मेघालय के East Khasi Hills जिले में स्थित है। यह भारत-बांग्लादेश सीमा के नजदीक बसा हुआ है और अपने ऊँचे-नीचे पहाड़ी भू-दृश्य तथा आसपास फैली हरियाली के लिए जाना जाता है।
शिलांग से इसकी दूरी अलग-अलग आधिकारिक पर्यटन पृष्ठों पर लगभग 76–79 किलोमीटर बताई गई है, जबकि कुछ पुराने सरकारी स्रोत इसे लगभग 90 किलोमीटर बताते हैं। इसलिए यात्रा की योजना बनाते समय सड़क की वर्तमान स्थिति और चुने गए मार्ग के अनुसार समय देखना बेहतर होता है।
शिलांग से सड़क मार्ग द्वारा मेवलिनॉन्ग की यात्रा अपने आप में एक खूबसूरत अनुभव हो सकती है। जैसे-जैसे शहर पीछे छूटता है, वैसे-वैसे सड़कें पहाड़ियों, जंगलों और छोटे-छोटे ग्रामीण इलाकों से गुजरने लगती हैं।
यात्रा के दौरान ऐसा महसूस होता है जैसे मेघालय धीरे-धीरे अपने प्राकृतिक रहस्यों का पर्दा उठाता जा रहा हो।
“एशिया का सबसे स्वच्छ गाँव” — इस पहचान की कहानी
मेवलिनॉन्ग की सबसे प्रसिद्ध पहचान इसकी स्वच्छता है। Discover India magazine ने 2003 में इसे “Asia’s Cleanest Village” के रूप में प्रसिद्ध किया था। बाद में यह पहचान पर्यटन साहित्य और मेघालय की पर्यटन छवि का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई।
हालाँकि, इस उपाधि को समझते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि “एशिया का सबसे स्वच्छ गाँव” एक पर्यटन-प्रचार और मीडिया से जुड़ी पहचान है, न कि आज पूरे एशिया के सभी गाँवों की किसी सार्वभौमिक वैज्ञानिक रैंकिंग का परिणाम।
फिर भी मेवलिनॉन्ग की वास्तविक उपलब्धि कहीं अधिक दिलचस्प है—गाँव के लोगों ने स्वच्छता को सामुदायिक जिम्मेदारी में बदल दिया है।
गाँव की गलियों और रास्तों के किनारे बाँस से बने कूड़ेदान दिखाई देते हैं। स्थानीय स्तर पर कचरा एकत्र करने और जैविक कचरे को खाद में बदलने जैसी व्यवस्थाओं का उल्लेख सरकारी स्रोतों में मिलता है।
यही छोटी-छोटी आदतें मिलकर पूरे गाँव की पहचान बनाती हैं।
स्वच्छता यहाँ नियम नहीं, जीवनशैली है
जब कोई पर्यटक पहली बार मेवलिनॉन्ग पहुँचता है, तो सबसे पहले उसकी नजर गाँव की साफ-सुथरी गलियों पर जाती है।
कहीं बाँस की छोटी टोकरियाँ कूड़ेदान के रूप में दिखाई देती हैं, कहीं फूलों से सजे रास्ते नजर आते हैं और कहीं ग्रामीण अपने आसपास के क्षेत्र को साफ करते दिखाई दे सकते हैं।
यहाँ एक महत्वपूर्ण बात समझने की है—स्वच्छता केवल सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है।
गाँव में रहने वाले लोग स्वयं अपने आसपास की सफाई में भाग लेते हैं। यही सामुदायिक भागीदारी मेवलिनॉन्ग मॉडल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक है।
सरकारी पर्यटन स्रोतों के अनुसार, यहाँ कचरे को एकत्र करके गड्ढों में डालने और जैविक कचरे को खाद में बदलने जैसी प्रथाओं का उपयोग किया जाता रहा है। प्लास्टिक और धूम्रपान पर भी प्रतिबंध की जानकारी आधिकारिक पर्यटन सामग्री में दी गई है।
इसका परिणाम केवल साफ सड़कें नहीं हैं।
इससे गाँव का पूरा वातावरण अधिक व्यवस्थित, शांत और प्राकृतिक दिखाई देता है।
बाँस के कूड़ेदान — छोटी चीज, बड़ा संदेश
मेवलिनॉन्ग की गलियों में दिखाई देने वाले बाँस के कूड़ेदान पर्यटकों के लिए एक सामान्य दृश्य हो सकते हैं, लेकिन इनके पीछे एक गहरा संदेश छिपा है।
बाँस स्थानीय जीवन और संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उसी प्राकृतिक संसाधन का उपयोग करके बनाए गए कूड़ेदान यह दिखाते हैं कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हमेशा आधुनिक और महंगे समाधान ही आवश्यक नहीं होते।
कभी-कभी स्थानीय संसाधन, सामुदायिक भागीदारी और अच्छी आदतें ही पर्याप्त होती हैं।
यही कारण है कि मेवलिनॉन्ग की कहानी केवल “एक साफ गाँव” की कहानी नहीं है। यह इस बात की कहानी है कि जब पूरा समुदाय किसी एक उद्देश्य के लिए जिम्मेदारी लेता है, तो उसका प्रभाव पूरे वातावरण पर दिखाई देता है।
प्रकृति और गाँव का अनोखा रिश्ता
मेवलिनॉन्ग की खूबसूरती केवल साफ रास्तों तक सीमित नहीं है।
गाँव के चारों ओर घने जंगल, पहाड़ियाँ, फलदार पेड़, फूलों से सजे घर और हर मौसम में बदलता प्राकृतिक दृश्य इसे बेहद आकर्षक बनाते हैं।
विशेष रूप से मानसून के दौरान मेघालय का परिदृश्य लगभग किसी विशाल प्राकृतिक चित्र जैसा दिखाई देता है।
बारिश के बाद पेड़ों की पत्तियाँ और भी हरी हो जाती हैं। पहाड़ियों पर बादल उतर आते हैं। छोटी धाराएँ तेज हो जाती हैं और जंगलों में पानी की आवाज वातावरण को और रहस्यमय बना देती है।
यही कारण है कि प्रकृति और फोटोग्राफी पसंद करने वाले यात्रियों के लिए मेवलिनॉन्ग एक आकर्षक स्थान है।
हालाँकि मानसून के दौरान यात्रा करते समय भारी बारिश, फिसलन और संभावित भूस्खलन जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखना आवश्यक है। मेघालय पर्यटन भी मानसून में Living Root Bridge क्षेत्रों की यात्रा के लिए बारिश से बचाव और अच्छे ग्रिप वाले जूते रखने की सलाह देता है।
Living Root Bridge — जहाँ पुल बनाया नहीं, उगाया जाता है
मेवलिनॉन्ग के आसपास की सबसे अद्भुत चीजों में से एक है Living Root Bridge।
यह सामान्य पुल नहीं है।
यह पेड़ों की जड़ों को प्राकृतिक रूप से प्रशिक्षित और आपस में बुनकर तैयार किया जाता है। विशेष रूप से Ficus elastica, यानी रबर फिग वृक्ष की जड़ों का उपयोग इस पारंपरिक तकनीक में किया जाता है।
खासी समुदाय ने पीढ़ियों के अनुभव से ऐसी प्राकृतिक संरचनाएँ विकसित की हैं। जड़ों को एक दिशा में बढ़ाया जाता है, उन्हें सहारा दिया जाता है और समय के साथ वे मजबूत होकर नदी या छोटी धारा को पार करने योग्य पुल का रूप ले लेती हैं।
मेघालय पर्यटन के अनुसार, इन Living Root Bridges की खासियत यह है कि वे समय के साथ और मजबूत हो सकते हैं क्योंकि वे जीवित वृक्षों की जड़ों से बने होते हैं।
यह मानव और प्रकृति के बीच सहयोग का शानदार उदाहरण है।
जहाँ आधुनिक दुनिया में पुल बनाने के लिए कंक्रीट, लोहे और मशीनों की आवश्यकता होती है, वहीं खासी पहाड़ियों में लोगों ने प्रकृति को ही इंजीनियर बना दिया।
Riwai Living Root Bridge
मेवलिनॉन्ग के पास स्थित Riwai गाँव का Living Root Bridge पर्यटकों के बीच विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
गाँव से इस पुल तक जाने का रास्ता स्वयं एक छोटा प्राकृतिक अनुभव है। जंगलों, पहाड़ियों और हरियाली के बीच से गुजरते हुए जब पर्यटक उस जीवित पुल तक पहुँचते हैं, तो पहली नजर में यह विश्वास करना मुश्किल हो सकता है कि सामने दिखाई दे रही संरचना वास्तव में जीवित पेड़ की जड़ों से बनी है।
यह Khasi पारंपरिक वास्तुकला और स्थानीय पर्यावरणीय ज्ञान का उत्कृष्ट उदाहरण है।
ऐसे पुल केवल पर्यटन आकर्षण नहीं हैं। ऐतिहासिक रूप से उन्होंने पहाड़ी इलाकों में लोगों को धाराओं और कठिन घाटियों को पार करने में मदद की।
इसलिए Living Root Bridge को देखना केवल एक सुंदर तस्वीर लेने का अवसर नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों की पीढ़ियों पुरानी तकनीकी समझ को देखने का अवसर भी है।
Sky View Point और बाँस का Tree House
मेवलिनॉन्ग में एक और आकर्षण है यहाँ के ऊँचे बाँस के टावर और Tree House।
बाँस से बने इन ऊँचे ढाँचों पर चढ़कर पर्यटक आसपास के पहाड़ी क्षेत्र और दूर तक फैले बांग्लादेश के मैदानों का दृश्य देख सकते हैं।
ऊँचाई पर खड़े होकर जब नीचे फैली हरियाली और दूर दिखाई देती समतल भूमि को देखा जाता है, तो भारत और बांग्लादेश के भौगोलिक परिदृश्य का अंतर एक ही नजर में समझ में आने लगता है।
मेघालय पर्यटन भी गाँव के पास स्थित bamboo Sky View Point से बांग्लादेश के मैदानों के मनोरम दृश्य का उल्लेख करता है।
Tree House में बैठकर आसपास के जंगलों और पहाड़ियों को देखना बच्चों और प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष रूप से यादगार अनुभव हो सकता है।
Balancing Rock — प्रकृति का हैरान कर देने वाला संतुलन
मेवलिनॉन्ग के आसपास एक और प्राकृतिक आकर्षण है Balancing Rock, जिसे Khasi नाम Maw Ryngkew Sharatia से भी जाना जाता है।
यहाँ एक बड़ा-सा पत्थर अपेक्षाकृत छोटे पत्थर के ऊपर इस तरह संतुलित दिखाई देता है कि पहली नजर में लगता है जैसे यह कभी भी नीचे गिर सकता है।
लेकिन लंबे समय से यह संरचना अपने स्थान पर बनी हुई है।
स्थानीय परंपराओं और कहानियों से इस चट्टान को अलग-अलग अर्थों से जोड़ा जाता रहा है। इसे पुराने Khasi धार्मिक विश्वासों से भी जोड़े जाने का उल्लेख मिलता है।
वैज्ञानिक दृष्टि से किसी चट्टान का इस प्रकार संतुलित रहना उसके आकार, भार-वितरण, संपर्क सतह और लंबे समय तक होने वाली प्राकृतिक अपरदन प्रक्रियाओं से संबंधित हो सकता है।
यानी यह जरूरी नहीं कि इसके पीछे कोई रहस्यमयी शक्ति हो—लेकिन इसे अपनी आँखों से देखना निश्चित रूप से रोमांचक अनुभव है।
Niriang Falls — जंगल के भीतर छिपा झरना
मेवलिनॉन्ग और Riwai क्षेत्र में प्रकृति प्रेमियों के लिए एक और रोमांचक स्थान Niriang Falls है।
पुराने यात्रा विवरणों के अनुसार, यह Living Root Bridge से लगभग पाँच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और घने जंगलों के बीच Wah Rymben River के पानी से बना एक शानदार झरना है। पुराने स्रोत इसे लगभग 400 मीटर की ऊँचाई से गिरने वाले जलप्रपात के रूप में वर्णित करते हैं।
यहाँ पहुँचने का रास्ता अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण बताया गया है। फिसलन भरे पत्थरों और खड़ी पगडंडी के कारण स्थानीय मार्गदर्शक की सहायता लेना उपयोगी हो सकता है।
मानसून में झरने का जलप्रवाह काफी प्रभावशाली हो सकता है, लेकिन इसी समय रास्ते अधिक फिसलन भरे भी हो सकते हैं।
इसलिए यहाँ रोमांच से ज्यादा जरूरी है—सुरक्षा।
Church of the Epiphany — इतिहास की शांत झलक
मेवलिनॉन्ग की प्राकृतिक सुंदरता के बीच Church of the Epiphany भी एक महत्वपूर्ण स्थल है।
यह एक सदी से अधिक पुराना चर्च बताया जाता है और इसकी वास्तुकला गाँव के प्राकृतिक वातावरण के बीच एक अलग दृश्य प्रस्तुत करती है। मेघालय पर्यटन इसे गाँव के महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और ऐतिहासिक आकर्षणों में शामिल करता है।
चर्च के आसपास की हरियाली और शांत वातावरण इसे केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि गाँव के इतिहास को समझने की दृष्टि से भी रोचक बनाते हैं।
यहाँ प्रकृति, स्थानीय Khasi संस्कृति और औपनिवेशिक काल की स्थापत्य विरासत एक ही स्थान पर दिखाई देती है।
Khasi संस्कृति और सामुदायिक जीवन
मेवलिनॉन्ग की असली पहचान केवल उसके पर्यटक स्थलों में नहीं है।
इस गाँव की आत्मा उसके लोग हैं।
यहाँ की स्थानीय Khasi संस्कृति प्रकृति के साथ गहरे संबंध, सामुदायिक सहयोग और पारंपरिक जीवनशैली के लिए जानी जाती है।
गाँव में खेती और स्थानीय संसाधनों से जुड़ी गतिविधियाँ लंबे समय से जीवन का हिस्सा रही हैं। स्थानीय पर्यटन अनुभवों में फलदार पेड़, बगीचे, स्थानीय भोजन और पारंपरिक ग्रामीण जीवन विशेष आकर्षण हैं।
यात्रियों को यहाँ केवल किसी होटल में ठहरने के बजाय Homestay में रहने का अवसर भी मिल सकता है। इससे पर्यटक स्थानीय परिवारों के जीवन, भोजन और संस्कृति को करीब से समझ सकते हैं।
यही अनुभव किसी पर्यटन स्थल को केवल “देखने की जगह” से बदलकर “जीने की जगह” बना देता है।
स्थानीय भोजन — मेघालय का स्वाद
मेवलिनॉन्ग की यात्रा केवल पहाड़ों और झरनों तक सीमित नहीं होनी चाहिए।
स्थानीय भोजन भी इस अनुभव का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Khasi भोजन में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री, चावल, सब्जियाँ, मांस और पारंपरिक मसालों का उपयोग देखने को मिलता है।
पर्यटक स्थानीय परिवारों या Homestay में उपलब्ध भोजन के माध्यम से Meghalaya के पारंपरिक स्वाद को समझ सकते हैं।
यात्रा के दौरान स्थानीय भोजन चुनना एक तरह से स्थानीय अर्थव्यवस्था और समुदाय का समर्थन भी करता है।
पर्यटकों के लिए सुविधाएँ
मेवलिनॉन्ग अब एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल बन चुका है, इसलिए यहाँ पर्यटकों के लिए विभिन्न प्रकार की बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
इनमें शामिल हैं:
Homestay और स्थानीय आवास
स्थानीय भोजन
सड़क मार्ग से पहुँच
पार्किंग की सुविधा
स्थानीय गाइड
आसपास के प्राकृतिक आकर्षण
गाँव में पैदल घूमने के अवसर
मेघालय पर्यटन के अनुसार, शिलांग से निजी वाहन, साझा टैक्सी और टूर पैकेज के माध्यम से मेवलिनॉन्ग पहुँचा जा सकता है। स्थानीय गाइड लेना क्षेत्र को बेहतर समझने के लिए उपयोगी माना जाता है।
मेवलिनॉन्ग जाने का सही समय
मेघालय लगभग पूरे वर्ष सुंदर दिखाई देता है, लेकिन अलग-अलग मौसम अलग अनुभव देते हैं।
मानसून — हरियाली का मौसम
बारिश के दौरान पूरा क्षेत्र अत्यंत हरा-भरा हो जाता है। झरने अधिक शक्तिशाली दिखाई देते हैं और जंगलों में धुंध का वातावरण किसी फिल्मी दृश्य जैसा लग सकता है।
लेकिन भारी बारिश के कारण रास्ते फिसलन भरे हो सकते हैं और भूस्खलन का जोखिम भी हो सकता है।
मानसून के बाद
बारिश के बाद मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहता है और प्रकृति अपनी चमकदार हरियाली के साथ दिखाई देती है।
सर्दियाँ
ठंडे और अपेक्षाकृत स्थिर मौसम में गाँव और आसपास के प्राकृतिक स्थलों को आराम से देखा जा सकता है। Meghalaya Tourism भी post-monsoon और winter को outdoor activities के लिए सुविधाजनक समय बताता है।
मेवलिनॉन्ग की यात्रा में किन बातों का ध्यान रखें?
यदि आप इस गाँव की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
पहला—गाँव को साफ रखें।
जहाँ कूड़ेदान उपलब्ध हों, उनका उपयोग करें और प्लास्टिक या कचरा खुले में न फेंकें।
दूसरा—प्रकृति को नुकसान न पहुँचाएँ।
पेड़ों, पौधों, फूलों और Living Root Bridge को नुकसान पहुँचाना स्थानीय पर्यावरण और संस्कृति दोनों के लिए हानिकारक है।
तीसरा—मानसून में सावधानी रखें।
फिसलन भरे रास्तों और पहाड़ी क्षेत्रों में अच्छे grip वाले जूते पहनें। मौसम की जानकारी लेकर ही ट्रेक करें।
चौथा—स्थानीय संस्कृति का सम्मान करें।
गाँव लोगों का घर भी है और पर्यटन स्थल भी। इसलिए फोटो लेने से पहले लोगों की अनुमति लेना और स्थानीय नियमों का पालन करना बेहतर है।
पाँचवाँ—स्थानीय अर्थव्यवस्था का समर्थन करें।
Homestay, स्थानीय भोजन, स्थानीय गाइड और स्थानीय उत्पादों का उपयोग समुदाय के लिए अधिक प्रत्यक्ष लाभ पैदा कर सकता है।
मेवलिनॉन्ग हमें क्या सिखाता है?
मेवलिनॉन्ग की सबसे बड़ी कहानी उसके झरनों, पहाड़ियों या Living Root Bridge से भी आगे जाती है।
यह गाँव एक महत्वपूर्ण सवाल पूछता है—
क्या विकास और प्रकृति एक साथ चल सकते हैं?
मेवलिनॉन्ग का अनुभव बताता है कि यदि स्थानीय समुदाय स्वयं अपने पर्यावरण की जिम्मेदारी स्वीकार करे, तो स्वच्छता और पर्यटन एक-दूसरे के विरोधी नहीं होते।
यहाँ बाँस का एक कूड़ेदान, साफ रास्ता, पेड़ से बनी पुलिया और स्थानीय परिवार द्वारा चलाया जाने वाला Homestay—ये सभी मिलकर एक बड़ी कहानी बनाते हैं।
यह कहानी है सामुदायिक जिम्मेदारी की।
एक गाँव, जहाँ पुल भी जीवित है और परंपरा भी
मेवलिनॉन्ग की यात्रा को यादगार बनाने वाली सबसे खूबसूरत बात शायद यही है कि यहाँ प्रकृति और इंसान के बीच कोई स्पष्ट सीमा दिखाई नहीं देती।
पेड़ों की जड़ों से पुल बनता है।
बाँस से कूड़ेदान और ऊँचे viewing structures बनते हैं।
बारिश पहाड़ियों को हरा कर देती है।
झरने जंगलों के बीच रास्ता बनाते हैं।
और गाँव के लोग इन सबके साथ मिलकर अपना जीवन आगे बढ़ाते हैं।
Living Root Bridge इसी दर्शन का सबसे सुंदर प्रतीक है—प्रकृति को हराने के बजाय उसके साथ मिलकर निर्माण करना।
निष्कर्ष — मेवलिनॉन्ग सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं
मेवलिनॉन्ग गाँव की यात्रा केवल कुछ सुंदर तस्वीरें लेने या “एशिया के सबसे स्वच्छ गाँव” को देखने की यात्रा नहीं है।
यह एक ऐसी जगह को समझने की यात्रा है जहाँ प्रकृति, संस्कृति और सामुदायिक जिम्मेदारी एक-दूसरे से जुड़ी हुई दिखाई देती हैं।
यहाँ सुबह की ठंडी हवा, पहाड़ियों के बीच तैरते बादल, फूलों से सजी गलियाँ, बाँस के कूड़ेदान, दूर दिखाई देती बांग्लादेश की भूमि, जंगल के भीतर बहते झरने और सदियों से विकसित Living Root Bridge—सब मिलकर एक ऐसा अनुभव बनाते हैं जिसे केवल शब्दों में पूरी तरह व्यक्त करना कठिन है।
और शायद यही मेवलिनॉन्ग की सबसे बड़ी खूबसूरती है।
यह गाँव आपको केवल प्रकृति की सुंदरता नहीं दिखाता—यह आपको प्रकृति के साथ जीने का एक तरीका भी दिखाता है।
अगर भारत के किसी छोटे गाँव ने यह साबित किया है कि स्वच्छता, पर्यटन, संस्कृति और प्रकृति एक साथ आगे बढ़ सकते हैं, तो मेवलिनॉन्ग निश्चित रूप से उन स्थानों में शामिल है जिन्हें समझने और महसूस करने के लिए एक बार जरूर जाना चाहिए।
मेवलिनॉन्ग—जहाँ हरियाली सिर्फ चारों ओर नहीं, बल्कि लोगों की जीवनशैली में भी दिखाई देती है।
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